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40-50 की उमà¥à¤° में खाने में शामिल करें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®
à¤à¤¸à¥‡ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व विटामिन वाली चीजों का à¤à¤°à¤ªà¥‚र सेवन करना चाहिà¤à¥¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सेवन करने से जोड़ों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर होगी। इस उमà¥à¤° में लोगों को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¥€, मछली जैसी चीजों को पà¥à¤²à¤¾à¤¨ में शामिल करना चाहिà¤à¥¤
50-60 की उमà¥à¤° में डाइट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ इन 5 बातों का रखें खास खà¥à¤¯à¤¾à¤², दिल-दिमाग दोनों रहेंगे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ -
50 के बाद कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤-Essential nutrients for elderly:-
1. लो फैट वाली चीजें खाà¤à¤‚
उमà¥à¤° बढ़ने के साथ हमारी पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी पड़ने लगती है। à¤à¤¸à¥‡ में शरीर फैट का पचाने में अकà¥à¤·à¤® हो जाता है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में जहां इस दौरान हाई फैट वाली चीजों को खाने कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और दिल की बीमारियां बढ़ती हैं वहीं, महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° गिरता है और बाकी अनà¥à¤¯ बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा हाई फैट वाली चीजों को खाने से कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है। इसलिठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उमà¥à¤° बढ़ने के साथ लो फैट वाली चीजों का सेवन करें।
2. पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन करें
60 के बाद आहार में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का होना à¤à¤• खास जरूरत बन जाती है। दरअसल, 50 से 60 के बीज हमारी मांसपेशियों का नà¥à¤•सान तेजी से होता है। इसी वजह से हमें हाथ-पैर में दरà¥à¤¦, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियां और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने में समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं। इसलिठइन तमाम परेशानियों से बचे रहने के लिठअपनी डाइट में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र फूडà¥à¤¸ (protein rich food) को शामिल करें। जैसे कि दूध, दही, पनीर और कà¥à¤› डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸à¥¤
3. कम खाà¤à¤‚ पर संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खाà¤à¤‚
आपने पाया होगा कि बढ़ती उमà¥à¤° के साथ लोगों का खाना-पीना कम हो जाता है। और अगर आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाते हैं तो, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप à¤à¤²à¥‡ ही कम खाना खाà¤à¤‚ पर कोशिश करें कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खाना खाà¤à¤‚। खाने में फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रखें जैसे कि साबà¥à¤¤ अनाज की बà¥à¤°à¥‡à¤¡ , अधिक सेम, मटर, दाल, साबà¥à¤¤ फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚। साथ ही कोशिश करें कि हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जरूर खाà¤à¤‚। इनमें पोटेशियम की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है और ये बà¥à¤²à¤¡ वेसेलà¥à¤¸ को हेलà¥à¤¦à¥€ रखते हैं और आपके बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फैट और फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार के फायदे के फायदे कई हैं। ये आपको डायबिटीज और दिल की बीमारियों से à¤à¥€ बचाने में मदद करते हैं।
4. ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र फूडà¥à¤¸ खाà¤à¤‚
ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ उमà¥à¤° बढ़ने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान सबसे बड़ी जरूरत होती है। ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मानसिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने में मदद करते हैं। ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सेवन से आंखों की रेटिना सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहती हैं। तो, ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ आपको दिल की बीमारियों से à¤à¥€ बचाव में मदद करता है। साथ ही ये आपको अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° यानी कि à¤à¥‚लने की बीमारी, इंसोमनिया (नींद ना आना), चिंता और अवसाद जैसे कई मानसिक रोगों से बचा सकता है। ये दिमाग में बनने वाले हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखता है और आपके बà¥à¤°à¥‡à¤¨ को हेलà¥à¤¦à¥€ बनाता है।
5. विटामिन डी, बी 12 और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का रखें खास खà¥à¤¯à¤¾à¤²
50 से अधिक उमà¥à¤° के लोगों में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ रखने के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन बी 12 और विटामिन डी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इस दौरान कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी जोड़ों में दरà¥à¤¦ और गठिया रोग का कारण बनता है। इसलिठइस दौरान कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे दूà¤, गहरे हरे पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और मछली आदि का सेवन करें। विटामिन डी के सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में वसायà¥à¤•à¥à¤¤ मछली, जैसे सैलà¥à¤®à¤¨ और अंडे आदि का सेवन करें। इसी तरह विटामिन बी 12 के लिठसीडà¥à¤¸, मांस और समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करें।
इस उमà¥à¤° में ये बात का खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि थोड़ा à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहें। à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और योग करें। साथ ही सोडियम (नमक) के सेवन को सीमित करें ताकि हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ ना हो। इसके अलावा उन जड़ी बूटियों और मसालों का सेवन करें जो पेट को हेलà¥à¤¦à¥€ रखने के साथ आपकी इमà¥à¤¯à¥‚निटी बूसà¥à¤Ÿ करें।
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